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किसी भी इंसान की सेहत का अच्छा या बुरा होना तीन बातों पर सबसे ज्यादा डिपेंड करता है। एक है सही तरह का खाना, दूसरा है सही समय पर नींद और आराम का खयाल रखना और तीसरा है एक्सरसाइज। शरीर के संपूर्ण Transformation के लिए इन तीनों का सही संतुलन जरूरी है। अगर वजन बढ़ाना हो तो एक्सरसाइज करने के लिए कहा जाता है। वजन घटाना हो तब भी एक्सरसाइज के लिए ही कहा जाता है। यहां तक कि बीमारियां दूर करने और फिट रहने के लिए भी एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। ग्लोइंग स्किन और मजबूत बालों के लिए भी एक्सरसाइज करने को कहा जाता है। लेकिन एक्सरसाइज तो बहुत तरीके की होती है। आखिर परफेक्ट बॉडी Transformation के लिए किस फायदे के लिए कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए?
स्ट्रेचिंग

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स्ट्रेचिंग एक तरह की योगा जैसी एक्सरसाइज है, जो शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने में मदद करती है। यह शरीर का पोश्चर सही बनाए रखती है, हाइट और पर्सनालिटी पर अच्छा प्रभाव डालती है। वर्कआउट से पहले इसे करने से इंजरी का खतरा कम होता है। बढ़ती उम्र में भी शरीर को लचीला बनाए रखने के लिए स्ट्रेचिंग जरूरी है, जिससे डेली लाइफ के काम आसान हो जाते हैं।
कार्डियो

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कार्डियो एक्सरसाइज, जिसे एंड्योरेंस या एरोबिक एक्सरसाइज भी कहा जाता है, पूरे शरीर को सक्रिय रखती है और अधिक कैलोरी बर्न करने में मदद करती है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर की स्टैमिना बढ़ती है और थकान कम महसूस होती है। जॉगिंग, रनिंग, स्विमिंग, साइकलिंग, खेल-कूद जैसी गतिविधियाँ कार्डियो एक्सरसाइज का हिस्सा हैं। यहाँ तक कि कोई भी शारीरिक रूप से सक्रिय कार्य इसे पूरा करने में सहायक हो सकता है। इसकी इंटेंसिटी के आधार पर इसे लो, मीडियम और हाई इंटेंसिटी में बाँटा जाता है, जिससे प्रभाव भी उसी के अनुसार शरीर पर पड़ता है। कार्डियो करने से दिल की धड़कन तेज होती है, रक्त संचार बेहतर होता है, ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ती है, और सांसें तेज हो जाती हैं। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाकर डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, पीसीओडी और हृदय रोगों के खतरे को कम करता है। रक्त प्रवाह बेहतर होने से सिर की त्वचा तक सही मात्रा में खून पहुंचता है, जिससे बाल मजबूत होते हैं और स्किन साफ होती है। दिमाग की कार्यक्षमता भी बेहतर होती है, और शरीर में ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन (HGH) का उत्पादन बढ़ता है, जिससे हीलिंग प्रोसेस तेज होता है और कई बीमारियाँ धीरे-धीरे ठीक होने लगती हैं। जिनकी हाइट बढ़ने की उम्र है, उन्हें कार्डियो एक्सरसाइज अवश्य करनी चाहिए, क्योंकि इससे हाइट बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय होते हैं। अधिक पसीना आने से त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं और गंदगी बाहर निकलने से दाग-धब्बे भी कम हो जाते हैं। वजन घटाने के लिए कार्डियो एक्सरसाइज बेहद फायदेमंद होती है, क्योंकि यह शरीर से अधिक कैलोरी बर्न कर चर्बी कम करने में मदद करती है।
कार्डियो एक्सरसाइज में स्पीड बढ़ाने से शरीर पर असर बढ़ता है, लेकिन हाई स्पीड एक्सरसाइज से पहले वॉर्म-अप जरूरी होता है ताकि इंजरी न हो। दिल के मरीजों को हाई स्पीड एक्सरसाइज से बचना चाहिए, क्योंकि यह ब्लॉकेज पर दबाव बढ़ा सकता है, जिससे समस्या हो सकती है। ऐसे लोगों के लिए वाकिंग और जॉगिंग बेहतर विकल्प हैं। हाई ब्लड प्रेशर वालों को भी ज्यादा स्पीड वाली एक्सरसाइज से बचना चाहिए।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग

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स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शरीर की ताकत और स्टैमिना बढ़ाने वाली एक्सरसाइज है, जिसे वेट लिफ्टिंग (जैसे बेंच प्रेस, डंबल, लेग प्रेस) और बॉडीवेट एक्सरसाइज (जैसे पुशअप, स्क्वाट) के जरिए किया जाता है। यह मसल्स फाइबर को मजबूत बनाकर लीन मसल्स मास बढ़ाती है और शरीर को अंदर से मजबूत करती है। सही तरीके से करने पर यह स्किन और इंटरनल ऑर्गन्स को भी बेहतर बनाती है। सेफ्टी के लिए वॉर्म अप जरूरी है, ताकि स्ट्रेच मार्क्स और ज्वाइंट पेन से बचा जा सके। वजन धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए, लेकिन अपनी क्षमता के अनुसार, और एक्सरसाइज को सही फॉर्म में धीरे-धीरे करना चाहिए ताकि अधिकतम लाभ मिले।
बैलेंसिंग एक्सरसाइज

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बैलेंसिंग एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य शरीर की बैलेंस करने की क्षमता को सुधारना है, जिससे व्यक्ति का अपने शरीर पर बेहतर नियंत्रण बना रहे। कई लोग हल्का सा संतुलन बिगड़ने पर गिर जाते हैं, जो उनके कमजोर बैलेंस को दर्शाता है। चाहे वजन उठाते समय, तंग रास्तों पर चलते हुए, बैठते-उठते या सीमित जगहों पर खड़े रहते हुए, शरीर का संतुलन बनाए रखना आवश्यक होता है, जिसे बैलेंस एक्सरसाइज के माध्यम से सुधारा जा सकता है। टेंडम स्टैंड, टेंडम वॉक और वन लेग स्टैंड जैसी एक्सरसाइज से शुरुआत की जा सकती है, और यदि यह आसान लगे तो आंखें बंद करके इसे कठिन बनाया जा सकता है। कुल मिलाकर, स्ट्रेचिंग और बैलेंसिंग एक्सरसाइज हर कोई कर सकता है, जबकि कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को फिटनेस लक्ष्य के अनुसार करना चाहिए। फिट रहने के लिए हफ्ते में तीन दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और तीन दिन कार्डियो किया जा सकता है, जबकि वजन बढ़ाने के लिए हफ्ते में 5-6 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी चाहिए और अधिक कैलोरी बर्न करने वाली गतिविधियों को सीमित रखना चाहिए। वजन घटाने के लिए हफ्ते में सातों दिन कम से कम 20-30 मिनट कार्डियो आवश्यक है, और तीन दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी शामिल करना चाहिए, जिसमें पहले स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और फिर कार्डियो करना बेहतर परिणाम देता है। इस तरह एक्सरसाइज का शरीर पर अधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
बॉडी को फिट रखने के लिए आपके शरीर के हिसाब से खानपान भी सही होना बहुत जरूरी होता है
मैं आपको बताना चाहूंगा कि आने वाला नेक्स्ट वीडियो एक ऑडियो पॉडकास्ट होगा, जिसमें वीडियो, एनिमेशन और प्रेजेंटेशन नहीं बल्कि एक टॉक शो की तरह लंबी बातचीत होगी, जिसमें इस टॉपिक से रिलेटेड शुरू से लेकर आखिर तक बिना कुछ मिस करें सारी डिटेल कवर की जाएगी। इसे आप आराम से बैठकर सुन सकते हैं और भरपूर नॉलेज गेन कर सकते हैं। ये ऑडियो पॉडकास्ट की एक सीरीज होने वाली है जिसमें चैनल पर आपको इस तरह के वीडियोज हर वीक मिलते रहेंगे।
बॉडी को फिट रखने के लिए सही खानपान बेहद जरूरी होता है, क्योंकि यह आपके शरीर की जरूरतों के हिसाब से पोषण प्रदान करता है।
तो दोस्तों ये थी हमारी एक इंट्रेस्टिंग वीडियो आशा करता हूं आपको यह वीडियो जरूर पसंद आई होगी इसीलिए प्लीज इसे लाइक करें, हमारे चैनल Fitness Secret को सब्सक्राइब जरूर करें और Visit on Health Darbar
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