Table of Contents Lung Detox
एक व्यक्ति बिना पानी पिए या बगैर खाना खाए कुछ दिनों तक रह सकता है, लेकिन बिना सांस लिए कुछ मिनट भी नहीं। हमारा दिल एक दिन में 1 लाख से भी ज्यादा बार धड़कता है और एक साधारण व्यक्ति के फेफड़े एक दिन में 20 से 30,000 बार साँस लेते हैं। इस तरह से देखा जाए तो हमारा दिल और फेफड़े हमारे शरीर में बिना रुके लगातार काम करने वाले सबसे ज़रूरी ऑर्गन हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रदूषण, धूम्रपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण हमारे फेफड़ों में विषैले तत्व जमा हो सकते हैं? Lung Detox की मदद से आप अपने फेफड़ों को साफ कर सकते हैं
स्मोकिंग छोड़ना संभव है – रिसर्च भी करती है पुष्टि

Lung Detox: Powerful Cleanse
स्मोकिंग यानी धूम्रपान एक ऐसी आदत है जो हमारे फेफड़ों और दिल के लिए बेहद हानिकारक होती है। इसके साथ ही, यह त्वचा, बालों और दिमाग पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में पाया गया है कि हमारे देश में एक्स-स्मोकर्स की संख्या वर्तमान स्मोकर्स से अधिक है।
इसका मतलब यह है कि जितने लोग आज सिगरेट पी रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग ऐसे हैं जो इसे पूरी तरह छोड़ चुके हैं। यह साबित करता है कि स्मोकिंग का एडिक्शन चाहे जितना भी मजबूत क्यों न हो, इसे छोड़ना पूरी तरह संभव है – चाहे आप कितने भी समय से धूम्रपान कर रहे हों।
निकोटीन का प्रभाव – कैसे बढ़ता है इसकी लत?

Lung Detox: Powerful Cleanse
तंबाकू और सिगरेट में मौजूद निकोटीन हमारे दिमाग और शरीर की सहनशीलता (टॉलरेंस) को धीरे-धीरे बढ़ाता जाता है। जब कोई व्यक्ति तंबाकू या सिगरेट का सेवन शुरू करता है, तो शुरुआत में कम मात्रा में भी संतुष्टि मिल जाती है, लेकिन समय के साथ दिमाग और शरीर इसे सहन करने के लिए खुद को ढाल लेते हैं। पहले जो संतुष्टि एक सिगरेट से मिलती थी, वही धीरे-धीरे 2, 3, 4 या उससे अधिक सिगरेट से मिलने लगती है। इस प्रक्रिया में निकोटीन हमारे खून और दिमाग में गहराई से अपनी जड़ें जमा लेता है, जिससे यह सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक ज़रूरत बन जाती है। जैसे ही शरीर में निकोटीन का स्तर गिरता है, दिमाग तुरंत सिगरेट पीने का संकेत देने लगता है, जिससे व्यक्ति अनजाने में अधिक सिगरेट पीने लगता है। रिसर्च के अनुसार, एक सिगरेट जलाने पर करीब 4000 तरह के केमिकल निकलते हैं, जिनमें से 400 बेहद ज़हरीले होते हैं और 30-40 कैंसर पैदा करने वाले होते हैं। ये केमिकल्स खून को दूषित कर देते हैं, जिससे शरीर के अन्य अंग भी प्रभावित होने लगते हैं। लंबे समय तक स्मोकिंग करने से त्वचा बेजान और रूखी हो जाती है, चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ जाता है, पुरुषों की सेक्शुअल हेल्थ और महिलाओं की फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, भूख कम लगने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है, जिससे शरीर आसानी से बीमारियों का शिकार हो सकता है। इसीलिए, स्मोकिंग छोड़ना न केवल एक अच्छी आदत है, बल्कि यह शरीर को स्वस्थ और जीवन को लंबा करने का फैसला भी है।
हेल्दी फेफड़े पिंक होते हैं, जबकि धूम्रपान करने वालों के फेफड़े धीरे-धीरे काले हो जाते हैं, जो खून को भी दूषित कर सकते हैं। इसलिए, फेफड़ों को डिटॉक्स करना जरूरी है ताकि तंबाकू और सिगरेट के बुरे प्रभावों को शरीर से बाहर निकाला जा सके। इसके लिए घरेलू और प्राकृतिक उपाय सबसे कारगर होते हैं। कुछ चुनिंदा चीजें फेफड़ों की सफाई में अहम भूमिका निभाती हैं और इनके नियमित सेवन से लंग्स और खून दोनों को शुद्ध किया जा सकता है। तो आइए जानते हैं पहला असरदार नुस्खा!
फेफड़ों की गहरी सफाई के लिए असरदार डिटॉक्स ड्रिंक

Lung Detox: Powerful Cleanse
फेफड़ों को डिटॉक्स करने के लिए अदरक का रस, दालचीनी, नींबू का रस, शहद और कायेन पेपर का उपयोग किया जाता है। कायेन पेपर साधारण लाल मिर्च से अधिक फायदेमंद होती है और पेट, किडनी, लिवर और फेफड़ों को शुद्ध करने में मदद करती है। इसे बनाने के लिए डेढ़ कप उबले पानी में आधा चम्मच कायेन पेपर, आधा चम्मच दालचीनी पाउडर, एक चम्मच अदरक का रस, एक चम्मच नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिलाएं। इस ड्रिंक को रोजाना रात को सोने से पहले पीने से फेफड़ों में जमा टार साफ होता है, मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। लगातार सेवन से सांस लेने में सुधार और शरीर में एनर्जी का स्तर बढ़ता है।
धूम्रपान करने वालों के लिए ज़रूरी डाइट

Lung Detox: Powerful Cleanse
धूम्रपान करने वालों को क्लोरोफिल युक्त खाद्य पदार्थ अधिक खाने चाहिए, खासकर व्हीटग्रास जूस (गेहूं के ज्वारे का रस), जिसमें भरपूर क्लोरोफिल होता है। इसका रोजाना सेवन फेफड़ों की सफाई और खून को शुद्ध करने में मदद करता है। सिर्फ एक हफ्ते के इस्तेमाल से ही त्वचा और सेहत में सुधार दिखने लगता है। इसके अलावा, च्यवनप्राश भी एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय है, जो फेफड़ों को डिटॉक्स करके शरीर को मजबूत बनाता है। सिगरेट की वजह से जल्दी हांफने या सिरदर्द की समस्या होने पर रोजाना 1-2 चम्मच च्यवनप्राश का सेवन फायदेमंद होता है।
धूम्रपान का असर कम करने के लिए डीप ब्रीदिंग और एक्सरसाइज सबसे कारगर उपाय हैं। लंबे समय तक सिगरेट पीने से फेफड़ों की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है, जिसका अहसास भी नहीं होता। गहरी सांस लेना फेफड़ों के लिए एक्सरसाइज की तरह काम करता है, जिससे जमी गंदगी बाहर निकलती है और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है। सुबह की वॉक या रनिंग किसी भी घरेलू उपाय से ज्यादा फायदेमंद होती है, क्योंकि इससे फेफड़ों की पंपिंग क्षमता बढ़ती है और वे पहले से अधिक मजबूत हो जाते हैं। साथ ही, दिनभर में अधिक पानी पिएं और धूम्रपान की मात्रा कम करें या पूरी तरह बंद कर दें।
फेफड़ों को डिटॉक्स करने के लिए सफाई के साथ उन्हें दोबारा गंदा होने से रोकना भी जरूरी है। अगर बार-बार सिगरेट पीते रहेंगे, तो सफाई का कोई फायदा नहीं होगा। यदि तंबाकू या सिगरेट छोड़ने में दिक्कत हो रही है, तो जल्द ही हम सिर्फ 7 दिनों में धूम्रपान छोड़ने का तरीका साझा करेंगे, जिससे यह आदत पूरी तरह खत्म हो जाएगी और दोबारा पीने की इच्छा भी नहीं होगी।
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