Table of Contents Brain Power
दोस्तों, क्या आप जानते हैं? इलॉन मस्क, अलबर्ट आइंस्टाइन, आइज़ैक न्यूटन और अनुष्का दीक्षित जैसे महान व्यक्तियों का आईक्यू (इंटेलिजेंस क्वोटिएंट) कितना है? वैल, अलबर्ट आइंस्टाइन, जो कि एक जाने-माने वैज्ञानिक थे, उनका आईक्यू 160 था। इलॉन मस्क का 165, न्यूटन का 190, और भारत की प्रतिभाशाली अनुष्का दीक्षित का 162 है।
वैसे तो दुनिया के सभी लोगों का औसत आईक्यू करीब 100 होता है, लेकिन वर्ल्ड डेटा इन्फो के अनुसार, कुल 129 देशों में से हॉन्गकॉन्ग, जापान और सिंगापुर का औसत आईक्यू 106 है, जो उन्हें इंटेलिजेंस स्केल पर शीर्ष स्थानों में रखता है। वहीं, अगर हमारे भारत की बात करें, तो भारत का औसत आईक्यू 77 है, जिससे यह आईक्यू लिस्ट में 97वें स्थान पर आता है। यह काफी कम है, लेकिन इसे बढ़ाया जा सकता है!
अगर आप मेरी बताई गई इंटेलिजेंट हैबिट्स को अपनी डेली लाइफस्टाइल में अप्लाई करें, तो आप अपना ब्रेन Power और आईक्यू दोनों इम्प्रूव कर सकते हैं!
आईक्यू और सफलता का कनेक्शन

Boost Your Brain Power
अगर आप अपने लक्ष्य को बढ़ाने पर फोकस करेंगे, तो आप हर जगह अच्छा परफॉर्म कर पाएंगे। आपकी ब्रेन पावर बूस्ट होगी, जिससे आपकी लर्निंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग पॉवर बढ़ेगी। इससे न केवल आपकी इनकम बढ़ेगी बल्कि आप किसी भी काम को बाकियों के मुकाबले ज्यादा आसानी से कर पाएंगे। इसलिए, हमें अपने आईक्यू को इंक्रीज करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
आईक्यू क्या होता है?

Boost Your Brain Power
आईक्यू का मतलब होता है Intelligence Quotient। यह एक नंबर होता है, जो यह दर्शाता है कि आपकी इंटेलिजेंस का स्तर क्या है। इसका अर्थ केवल याददाश्त या ज्ञान नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि आप कितनी तेजी से नई चीजें सीख सकते हैं और समस्याओं को हल कर सकते हैं।
आईक्यू को कैसे बढ़ाएं?

Boost Your Brain Power
आईक्यू रातोंरात नहीं बढ़ाया जा सकता, बल्कि इसके लिए निरंतर अभ्यास करना पड़ता है। जैसे शरीर को मजबूत बनाने के लिए एक्सरसाइज जरूरी होती है, वैसे ही दिमागी शक्ति बढ़ाने के लिए ब्रेन एक्सरसाइज आवश्यक होती है।
डिजिटल स्क्रीन और इमैजिनेशन की समस्या
आजकल डिजिटल स्क्रीन के कारण हमारा दिमाग ज्यादा इमैजिनेशन नहीं करता, जिससे हमारी सोचने और विज़ुअलाइज़ करने की क्षमता कम हो जाती है। न्यूरोप्लास्टिसिटी की रिसर्च में यह पाया गया है कि हमारे पांचों सेंसेस हमारे ब्रेन फंक्शन से जुड़े होते हैं। इसलिए, ब्रेन को एक्टिव रखने के लिए हमें अपने पांचों सेंस का उपयोग करना चाहिए।
डे ड्रीमिंग (Daydreaming)

Boost Your Brain Power
दिन में जानबूझकर सपने देखना बहुत प्रभावी एक्सरसाइज है। जब हम कोई चीज़ इमैजिन करते हैं और उसे अपने पांचों सेंस से अनुभव करने की कोशिश करते हैं, तो ब्रेन के अलग-अलग हिस्से एक साथ एक्टिव होते हैं। यह एक्सरसाइज 15 से 45 मिनट प्रतिदिन करने से आपकी इमैजिनेशन, आइडिया फॉर्मेशन, रीडिंग एबिलिटी और कॉन्सन्ट्रेशन स्पैन में सुधार होता है।
ब्रेन हार्मोनी म्यूजिक

Boost Your Brain Power
ब्रेन हार्मोनी (Binaural Beats) एक खास तरह का म्यूजिक होता है, जो ब्रेन के दोनों हिस्सों को सिंक्रोनाइज करता है। शोध में पाया गया है कि इसे सुनते हुए मेडिटेशन करने से आईक्यू 23% तक बढ़ सकता है। हफ्ते में कम से कम 4 दिन, 30 मिनट तक इसे सुनना फायदेमंद रहेगा।
कुछ नया और क्रिएटिव करना

Boost Your Brain Power
नए और चैलेंजिंग काम करने से ब्रेन की न्यूरल कनेक्शन मजबूत होते हैं। रिचर्ड आयर के शोध में पाया गया कि जब लोग पहली बार टेट्रिस गेम खेलते हैं, तो उनके ब्रेन की कॉर्टिकल थिकनेस और न्यूरल एक्टिविटी बढ़ जाती है। लेकिन जब यह आसान लगने लगता है, तो ब्रेन की ग्रोथ कम होने लगती है। इसलिए, हर दिन कुछ नया और क्रिएटिव करने की आदत डालें।
सेल्फ कंट्रोल

Boost Your Brain Power
सेल्फ कंट्रोल और आईक्यू एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। येल यूनिवर्सिटी के एक शोध में पाया गया कि जो लोग त्वरित इनाम (Immediate Reward) को टाल सकते हैं, उनका आईक्यू स्कोर अधिक होता है। मानसिक रूप से मजबूत बनने और इमोशंस पर नियंत्रण रखना हाई आईक्यू का एक संकेत है।
आईक्यू बढ़ाने के लिए मस्तिष्क को सक्रिय और चुनौतीपूर्ण गतिविधियों में शामिल करना जरूरी है। इसके लिए ब्रेन एक्सरसाइज जैसे पजल्स, शतरंज, सुडोकू और मैथमैटिकल प्रॉब्लम्स हल करना मददगार होता है, जिससे विश्लेषणात्मक सोच और समस्या समाधान क्षमता बढ़ती है। डे ड्रीमिंग यानी कल्पनाओं में खो जाना भी मस्तिष्क की रचनात्मकता को बढ़ाता है और नए विचारों को जन्म देता है। इसके अलावा, ब्रेन हार्मोनी म्यूजिक, विशेष रूप से बाइनॉरल बीट्स सुनने से ध्यान केंद्रित करने और मानसिक तनाव को कम करने में मदद मिलती है। कुछ नया सीखना जैसे नई भाषा, कोडिंग, पेंटिंग या कोई वाद्य यंत्र बजाना मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और नए न्यूरल कनेक्शन बनाता है।
सेल्फ कंट्रोल और माइंडफुलनेस भी आईक्यू को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। ध्यान (मेडिटेशन) से फोकस और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है, जबकि इमोशनल इंटेलिजेंस यानी अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने की क्षमता सोचने-समझने की शक्ति को मजबूत करती है। साथ ही, शारीरिक व्यायाम करने से मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है, जिससे मानसिक क्षमता बेहतर होती है। ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार, हरी सब्जियाँ, डार्क चॉकलेट, ब्लूबेरी और नट्स मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं।
आईक्यू बढ़ाने के लिए जरूरी है कि हम अपनी सोचने की शैली को बदलें, समस्याओं को अलग-अलग नजरिए से देखने की आदत डालें और अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर नई चीज़ों का अनुभव करें। इन आदतों को अपनाकर न केवल बौद्धिक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है, बल्कि यह आत्मविश्वास और रचनात्मकता को भी विकसित करने में मदद करता है।
तो दोस्तों ये थी हमारी एक इंट्रेस्टिंग वीडियो आशा करता हूं आपको यह वीडियो जरूर पसंद आई होगी इसीलिए प्लीज इसे लाइक करें, हमारे चैनल Fitness Secret को सब्सक्राइब जरूर करें और Visit on Health Darbar
Boost Your Brain Power
Leave a Comment