Table of Contents Vitamin & Mineral Deficiency
दोस्तों, हम जो भी खाते हैं, वह हमारे पेट से होकर छोटी आंत में पहुंचता है और वहां से खून में मिलकर पूरे शरीर में फैल जाता है। लेकिन यहां समझने वाली बात यह है कि हर खाने में जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की सही मात्रा नहीं पाई जाती, जिससे Deficiency (कमी) होने लगती है। खानपान में की गई गलतियों की वजह से कई बार पेट तो भर जाता है, लेकिन शरीर में जरूरी न्यूट्रिएंट्स की Deficiency हो जाती है, जिससे धीरे-धीरे कई तरह की बीमारियां होने लगती हैं।
विटामिन्स और मिनरल्स हमारे शरीर के लिए Deficiency होते हैं, इसलिए हमें इन्हें अपने खाने के जरिए पूरा करना बहुत जरूरी होता है। ये हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों को ठीक से काम करने में मदद करते हैं और कई बीमारियों से बचाते हैं। लेकिन समस्या यह है कि ज्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं होता कि किस खाने में कौन से विटामिन्स पाए जाते हैं और शरीर में किस न्यूट्रिएंट की Deficiency से कौन सी बीमारी हो सकती है।
अच्छी बात यह है कि जब भी हमारे शरीर में किसी न्यूट्रिएंट्स की Deficiency होती है, तो बड़ी बीमारी आने से पहले हमारा शरीर छोटे-छोटे संकेत देकर इसकी जानकारी देने की कोशिश करता है। लेकिन अधिकतर लोग इन संकेतों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
इसीलिए, आज के इस वीडियो में हम शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स की Deficiency के कारण दिखने वाले 45 लक्षणों के बारे में जानेंगे, जिन्हें आपको अनदेखा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। साथ ही, यह भी जानेंगे कि इनकी Deficiency को किस तरह से पूरा किया जा सकता है।
विटामिन C की कमी के लक्षण और समाधान

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ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना, जोड़ों में दर्द, रूखी और बेजान त्वचा विटामिन C की कमी के संकेत हो सकते हैं। विटामिन C एक एंटीऑक्सीडेंट है जो कोलेजन प्रोड्यूस कर त्वचा और हड्डियों की सेहत बनाए रखता है। यह आयरन के अवशोषण में भी मदद करता है, जिससे शरीर में आयरन की कमी नहीं होती। इसकी पूर्ति के लिए आंवला, नींबू, संतरा और अमरूद को आहार में शामिल करें।
स्किन का पीला पड़ना और कमजोरी

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स्किन का पीला पड़ना, हर वक्त थकान, कमजोरी, सिरदर्द और सिर में भारीपन महसूस होना शरीर में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी के संकेत हो सकते हैं। आयरन, हीमोग्लोबिन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो रक्त उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है। खून में मौजूद हीमोग्लोबिन हमारे फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने का काम करता है। इसलिए शरीर में आयरन की कमी होने पर सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह समस्या इतनी आम है कि भारत में हर साल लगभग 1 करोड़ लोग आयरन की कमी के शिकार हो जाते हैं। आयरन की पूर्ति के लिए अपने आहार में नट्स, सीड्स, एनिमल लिवर, पालक, बीन्स, अंडे और बीटरूट जैसी चीजों को शामिल करना जरूरी है, क्योंकि ये आयरन के अच्छे स्रोत हैं और शरीर में इसकी मात्रा बनाए रखने में मदद करते हैं।
कमजोर दांत और नाखून

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कमजोर दांत और नाखून शरीर में कैल्शियम की कमी को दर्शाते हैं, और यदि यह कमी लंबे समय तक बनी रहे, तो यह अर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। कैल्शियम की कमी एक आम समस्या है, जिससे भारत में हर साल लगभग 10 लाख लोग प्रभावित होते हैं। कैल्शियम की पूर्ति के लिए अपने आहार में दूध, दही और पनीर को शामिल करना आवश्यक है, क्योंकि ये कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा, ब्रोकली, पालक, भिंडी और सूखे अंजीर में भी पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
विटामिन डी की कमी

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बार-बार बीमार पड़ना, डिप्रेशन, बदन दर्द और हड्डियों की कमजोरी शरीर में विटामिन डी की कमी के संकेत हो सकते हैं, क्योंकि यह विटामिन कैल्शियम के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन डी की कमी से शरीर में कैल्शियम की मात्रा घटने लगती है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। इसका मुख्य कारण धूप में कम समय बिताना होता है, खासकर उन लोगों में जो अधिकतर समय घर या ऑफिस में रहते हैं और धूप के संपर्क में नहीं आते। सूरज की किरणें प्राकृतिक रूप से विटामिन डी प्रदान करती हैं, इसलिए रोजाना केवल 10-15 मिनट धूप में रहने से इसकी कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। विटामिन डी की कमी पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की गिरावट और सेक्सुअल डिस्फंक्शन का कारण भी बन सकती है। यदि आप धूप में नहीं जा सकते, तो अपने आहार में दूध, मशरूम, पनीर और सैल्मन जैसी चर्बीदार मछलियों को शामिल करें, क्योंकि इनमें भी विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
विटामिन बी की कमी

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विटामिन बी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्वों में से एक है, जो शरीर की ऊर्जा उत्पादन, मस्तिष्क के कार्य और पाचन तंत्र को सही रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन बी मुख्य रूप से आठ प्रकार के होते हैं, जिनमें से कुछ की कमी आमतौर पर अधिक देखी जाती है। इनमें विटामिन बी 12 की कमी सबसे ज्यादा पाई जाती है, जिससे नसों की क्षति, खून की कमी और त्वचा पीली पड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर शाकाहारी लोगों में यह अधिक देखने को मिलती है क्योंकि यह विटामिन मुख्य रूप से पशु उत्पादों में पाया जाता है।
अगर आपको धुंधला दिखता है और चिड़चिड़ापन महसूस होता है, तो यह विटामिन बी 1 की कमी का संकेत हो सकता है। वहीं, मुंह के कोनों पर कटाव या अल्सर विटामिन बी 2 की कमी को दर्शाता है। अगर होंठ फटते हैं और मुंह के आसपास लाल धब्बे होते हैं, तो यह विटामिन बी 6 की कमी के कारण हो सकता है। इसके अलावा, पाचन तंत्र में गड़बड़ी और एड़ी में दरारें विटामिन बी 3 की कमी के लक्षण हो सकते हैं।
विटामिन बी की कमी को पूरा करने के लिए संतुलित आहार लेना बहुत जरूरी है। विटामिन बी 12 के लिए अंडे, दूध, दही, मछली, चिकन और मीट को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। विटामिन बी 1, बी 2 और बी 6 के लिए फल, हरी सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, ओट्स और दूध का सेवन फायदेमंद होता है। वहीं, विटामिन बी 3 की पूर्ति के लिए चिकन ब्रेस्ट और ब्राउन राइस को आहार में शामिल किया जा सकता है। नियमित रूप से सही पोषण लेने से विटामिन बी की कमी को रोका जा सकता है और शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
बायोटिन (विटामिन B7) क्या है?

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बायोटिन एक प्रकार का विटामिन बी कॉम्प्लेक्स है, जिसे विटामिन बी7 के नाम से भी जाना जाता है। इसकी कमी से बालों का झड़ना, रूखी त्वचा, ड्राई स्किन और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, बाल झड़ने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिनके बारे में हम आने वाली वीडियो में विस्तार से चर्चा करेंगे। आमतौर पर, बायोटिन की कमी कम ही लोगों में देखी जाती है, लेकिन कुछ मेडिकल कंडीशंस और कच्चे अंडे के अधिक सेवन से इसके स्तर में गिरावट आ सकती है। कच्चे अंडे में मौजूद एविडिन नामक प्रोटीन बायोटिन से बंधकर उसके अवशोषण को रोकता है, जिससे समय के साथ शरीर में बायोटिन की कमी होने लगती है। इस कमी को पूरा करने के लिए काजू, बादाम, टमाटर, अखरोट, गाजर और पालक जैसी पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को अपने आहार में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
विटामिन ई: एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व

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विटामिन ई के बारे में बात करें तो इसकी कमी आमतौर पर बहुत कम लोगों में देखी जाती है, क्योंकि यह विटामिन डिफिशिएंसी अधिक कॉमन नहीं होती। हालांकि, जब शरीर में इसकी कमी होती है तो मांसपेशियों में कमजोरी और बार-बार बदन दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है। इसकी पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करने के लिए अपने आहार में कद्दू के बीज, बादाम, जैतून और पालक जैसी पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
विटामिन ए: महत्वपूर्ण पोषक तत्व

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विटामिन ए के बारे में। हालांकि विटामिन ए की कमी होना बहुत ही रेयर है लेकिन जब इसकी कमी होती है तो आंखों में सफेद धब्बे और रात को कम दिखाई पड़ना शरीर में विटामिन ए की कमी का संकेत हो सकते हैं और इसकी कमी को पूरा करने के लिए स्वीट पोटैटो, गाजर, ब्रोकली और पालक जैसी चीजों को अपने खाने में शामिल किया जा सकता है।
जिंक और त्वचा स्वास्थ्य

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जिंक एक एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व होने के साथ-साथ हीलिंग में भी मदद करता है। इसकी कमी से शरीर में कई समस्याएँ हो सकती हैं, जैसे जख्मों का धीरे-धीरे भरना, चेहरे पर बार-बार बड़े पिंपल्स आना, एग्जिमा या अन्य स्किन प्रॉब्लम्स का जल्दी ठीक न होना। शरीर में जिंक की कमी को पूरा करने के लिए अपने आहार में दूध, दही, चिकन, अंडा और कद्दू के बीज जैसी चीजें शामिल करें। खासतौर पर, यदि आपको पिंपल्स की समस्या है, तो जिंक की पूर्ति के लिए कद्दू के बीज सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
पोषक तत्वों की कमी
यह ध्यान रखना जरूरी है कि जिन समस्याओं का मैंने ज़िक्र किया है, जैसे बालों का झड़ना, एड़ी फटना, पाचन संबंधी गड़बड़ी, घुटनों का दर्द, चेहरे पर पिंपल्स, एग्जिमा और आंखों की कमजोरी, ये पोषक तत्वों की कमी के कारण हो सकते हैं, लेकिन इनके अन्य कारण भी संभव हैं। इन विषयों को विस्तार से समझने के लिए हमें अलग-अलग वीडियो देखने होंगे।
पिंपल्स की समस्या को जड़ से ठीक करने के लिए हमने पहले ही एक विस्तृत वीडियो बनाया है, जिसका लिंक आपको इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में मिलेगा। बाकी विषयों पर भी जल्द ही वीडियो बनाने की कोशिश करूंगा।
इस वीडियो का उद्देश्य आपको संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसलिए:
- फल, सब्जियाँ और सलाद अधिक मात्रा में खाएँ।
- ड्राई फ्रूट्स, दूध, दही को अपनी डाइट में शामिल करें।
- यदि आप नॉनवेज खाते हैं, तो उसे सीमित मात्रा में आहार में जोड़ें।
- तेल, मसाले और बाहर के खाने का सेवन कम करें।
मैं आपको बताना चाहूंगा कि आने वाला नेक्स्ट वीडियो एक ऑडियो पॉडकास्ट होगा, जिसमें वीडियो, एनिमेशन और प्रेजेंटेशन नहीं बल्कि एक टॉक शो की तरह लंबी बातचीत होगी, जिसमें इस टॉपिक से रिलेटेड शुरू से लेकर आखिर तक बिना कुछ मिस करें सारी डिटेल कवर की जाएगी। इसे आप आराम से बैठकर सुन सकते हैं और भरपूर नॉलेज गेन कर सकते हैं। ये ऑडियो पॉडकास्ट की एक सीरीज होने वाली है जिसमें चैनल पर आपको इस तरह के वीडियोज हर वीक मिलते रहेंगे।
तो दोस्तों ये थी हमारी एक इंट्रेस्टिंग वीडियो आशा करता हूं आपको यह वीडियो जरूर पसंद आई होगी इसीलिए प्लीज इसे लाइक करें, हमारे चैनल Fitness Secret को सब्सक्राइब जरूर करें और Visit on Health Darbar
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